बौद्ध एवं जैन धर्म || Buddhism and Jainism || Railway Important Questions

बौद्ध एवं जैन धर्म


बौद्ध एवं जैन धर्म || Buddhism and Jainism || Railway Important Questions 



1. गौतम बुद्ध का जन्म....में हुआ था।

 (A) बोधगया

(B) पाटलिपुत्र

(C) लुम्बिनी

(D) वैशाली

R.R.B. पटना, (G.G.) परीक्षा, 2002

R.R.B. कोलकाता (G.G.) परीक्षा, 2006

उत्तर-(C)

लुम्बिनी किसका धार्मिक स्थल है?

R.R.B. जम्मू (C.C.) परीक्षा, 2006

व्याख्या-गौतम बुद्ध का जन्म कपिलवस्तु के लुम्बिनी नामक वन में शाक्य क्षत्रिय कुल में 563 ई.पू. में हुआ था। लुम्बिनी सम्प्रति नेपाल में हैं ।

2. 'बुद्ध' शब्द का तात्पर्य होता है-

(A) एक विजेता

(B) एक परिमोचक

(C) एक ज्ञान संपन्न व्यक्ति

(D) एक भ्रमणकारी

(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

R.R.B. भुवनेश्वर, (A.S.M.) परीक्षा, 2002

R.R.B. इलाहाबाद (J.A.A.) परीक्षा, 2010

उत्तर-(C)

व्याख्या-बुद्ध शब्द का अर्थ होता है- 'जारित' या 'ज्ञान संपन्न। गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त होने के बाद 'बुद्ध' कहा गया। यह ज्ञान बोधगया (बिहार) में प्राप्त हुआ था।

3. गौतम बुद्ध की मृत्यु कहां हुई?

(A) लुम्बिनी

(B) श्रावस्ती

(C) कुशीनगर

(D) बोधगया

R.R.B. चंडीगढ़ (T.C.) परीक्षा, 2002

R.R.B. त्रिवेंद्रम (Asst. Driv.) परीक्षा, 2004

उत्तर-(C)

किसके गणतंत्र में बुद्ध ने महापरिनिर्वाण प्राप्त किया?

R.R.B. इलाहाबाद (C.C.) परीक्षा, 2008

व्याख्या-गौतम बुद्ध की मृत्यु 483 ई.पू. में मल्ल गणराज्य कुशीनगर (उ.प्र.) में हुई थी। बौद्ध धर्म में इसे "महापरिनिर्वाण" कहा गया है।

4. गौतम बुद्ध के संबंध में सभी सही हैं. सिवाय एक के

(A) उनका जन्म लुम्बिनी में हुआ था

(B) उनकी मृत्यु कुशीनगर में हुई थी

(C) उन्हें ज्ञान की प्राप्ति बोधगया में हुई थी

(D) उन्हें ज्ञान की प्राप्ति राजगृह में हुई थी

R.R.B. मुंबई, भोपाल (CG) परीक्षा, 2003

उत्तर-(D)

व्याख्या-गौतम बुद्ध का जन्म लुम्बिनी में हुआ था। गृह त्यागने के बाद बोधगया में उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ था तथा उनकी मृत्यु कुशीनगर में हुई थी। अंतिम विकल्प सही नहीं है अन्य सभी कथन सही है।

5. गौतम बुद्ध को कौन सी जगह ब्रहाज्ञान प्राप्त हुआ?

(A) सारनाथ

(B) बोधगया

(C) प्रयाग

(D) पाटलिपुत्र

(E) इनमें से कोई नहीं

R.R.B. कोलकाता (Asst. Driv.) परीक्षा, 2002

R.R.B. भोपाल (C.C.) परीक्षा, 2003

R.R.B. रांची (A.S.M/G.G) परीक्षा, 2005

उत्तर-(B)

व्याख्या-29 वर्ष की अवस्था में बुद्ध ने गृह त्याग कर दिया था। इसे बौद्ध ग्रंथों में महाभिनिष्क्रमण" कहा गया है। इसके पश्चात् उन्होंने बोधगया (बिहार) में निरंजना नदी (आधुनिक फाल्गु) के तट पर बोधिवृक्ष (पीपल) के नीचे समाधि लगाई। आठवें दिन वैशाख मास की पूर्णिमा के दिन ज्ञान प्राप्ति (संबोधि) के बाद वे गौतम बुद्ध, तथागत् और शाक्यमुनि के नाम से प्रसिद्ध हुए।

6. भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश कहां दिया था ?

(A) बोधगया

(B) सांची

(C) सारनाथ

(D) कुशीनगर

R.R.B. बंगलौर (G.C) परीक्षा, 2003,

R.R.B. चंडीगढ़ परीक्षा, 2004

R.R.B. मुंबई (E.S.M.) परीक्षा, 2004,

R.R.B. इलाहाबाद (GG/E.C.R.C.) परीक्षा, 2005

R.R.B. अहमदाबाद (C.C.) परीक्षा, 2007

R.R.B. गोरखपुर (E.S.M.) परीक्षा, 2009

R.R.B. गोरखपुर (T.C.) परीक्षा, 2008

उत्तर-(C)

सारनाथ में युद्ध का प्रथम प्रवचन क्या कहलाता है?

R.R.B. इलाहाबाद (E.C.R.C.) परीक्षा, 2007

व्याख्या-ज्ञान प्राप्ति के पश्चात् बुद्ध ने ऋषिपत्तन (सारनाथ) उरुवेला में उनका साथ छोड़ देने वाले पांच ब्राह्मण तपखियों (कौडिन्य, वाप्य, भद्रिक, महानाम, अश्वजित) को ज्ञान का प्रथम उपदेश दिया, जिसे 'धर्मचक्र प्रवर्तन' कहा जाता है। बौद्ध संध में प्रवेश सर्वप्रथम यहीं से प्रारंभ हुआ। किंतु बी. एन. लुनिया के अनुसार, बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश उरूबेला (बोधगया) में तपस्सु एवं मल्लिक नामक बंजारों को दिया था।

7. जातक पवित्र ग्रंथ है-

(A) वैष्णवों का

(B) जैनियों का

(C) बौद्धों का

(D) शैवों का

R.R.B. भोपाल (C.C.) परीक्षा, 2003

उत्तर-(C)

व्याख्या-'जातक' ग्रंथ, बौद्ध ग्रंथ 'खुद्दक निकाय' का भाग है। ऐसा माना जाता है कि गौतम के रूप में जन्म लेने के पूर्व बुद्ध 550 से भी अधिक जन्म लिए थे। जातक ग्रंथों में बुद्ध के इन्हीं पूर्व जन्मों की कथाएं वर्णित है।

8. बौध धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए कौन-सी भाषा प्रयोग की गई थी?

(A) संस्कृत

(B) प्राकृत

 (C) पाली

(D) हिन्दी

R.R.B. रांची (Asst. Driv.) परीक्षा, 2003

R.R.B. बंगलौर (GG) परीक्षा, 2006

R.R.B. रांची (C.C./T.C.IJ.C.) परीक्षा, 2006

उत्तर-(C)

व्याख्या-बुद्ध ने अपने उपदेश तथा धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए पाली भाषा का प्रयोग किया। कालांतर में अधिकांश महायान ग्रंथ संस्कृत भाषा में लिखे गए। धर्म प्रचार हेतु प्राकृत भाषा का प्रयोग जैनियों ने किया था।

9. बुद्ध के उपदेशों का संग्रह है-

(A) बुद्ध चरित्

(B) सुत्त पिटक

(C) अभिधम्म पिटक

(D) विनय पिटक

R.R.B. इलाहाबाद (C.C.) परीक्षा, 2008

उत्तर-(B)

व्याख्या- -'सुत्त पिटक' में बौद्ध धर्म के उपदेश संगृहीत हैं। इसमें दीर्घ निकाय, मज्झिम निकाय, संयुक्त निकाय, अंगुत्तर निकाय और खुद्दक निकाय हैं। विनय पिटक में भिक्षु और भिक्षुणियों के संघ एवं दैनिक जीवन संबंधी आचार-विचार, नियम संगृहीत हैं जबकि अभिधम्म पिटक में बौद्ध दार्शनिक सिद्धांतों का वर्णन है।

10. निम्नलिखित में से बुद्ध का समकालीन कौन था?

(A) मोजेज

(B) कनफ्यूशियस

(C) मोहम्मद

(D) इनमें से कोई नहीं

R.R.B. रांची, (A.S.M.) परीक्षा, 2002

R.R.B. इलाहाबाद (GG/E.C.R.C.) परीक्षा, 2005

उत्तर-(B)

व्याख्या-जिस प्रकार गौतम बुद्ध ने भारत में बौद्ध धर्म का प्रवर्तन किया। उसी प्रकार 500 ई.पू. में चीन में विद्यमान कनफ्यूशियस के सिद्धातो पर कनफ्यूशियस धर्म बना। कनफ्यूशियस को चीनी लोग राजा फूत्से (551 से 479 ईसा पूर्व) कहते हैं। ये महावीर तथा बुद्ध के समकालीन थे। इन्होंने समाज को आचरण के नियमों की शिक्षा दी।

11. महावीर ने .......... में निर्वाण प्राप्त किया था?

(A) 468

(B) 590

(C) 527 ई.पू

(D) 546 ई.पू.

                                                R.R.B. इलाहाबाद (असि. लोको पाय.) परीक्षा, 2008

उत्तर-(C)

व्याख्या-महावीर के जन्म एवं मृत्यु से संबंधित तिथियों में विवाद है एक तिथि के अनुसार महावीर का जन्म 509 ई.पू. में एवं मृत्यु 527 ई.पू. में जबकि दूसरी के अनुसार जन्म 540 ई.पू. में एवं मृत्यु 468 ई.पू. में मानी जाती है। इन दोनों तिथियों में प्रथम तिथि अधिक मान्य है।

12. निम्नलिखित में से कौन जैन धर्म के असली संस्थापक माने जाते हैं ?

(A) ऋषभनाथ

(B) पार्श्वनाथ

(C) नेमिनाथ

(D) वर्धमान महावीर

                                                R.R.B. रांची (A.S.M.) परीक्षा, 2002

उत्तर-(D)

महावीर किस राजघराने में पैदा हुए थे?

                                                R.R.B. चंडीगढ़ (T.C.) परीक्षा, 2002

                                                R.R.B. गोरखपुर (A.S.M.) परीक्षा, 2002

                                                R.R.B. जम्मू (A.S.M.) परीक्षा, 2004

                                                R.R.B. कोलकाता (A.S.M.) परीक्षा, 2005

                                                R.R.B. बंगलौर (GG) परीक्षा, 2006

व्याख्या-वर्धमान महावीर जैनियों के 24वें तीर्थंकर एवं जैन धर्म के वास्तविक संस्थापक माने जाते हैं। उन्होंने पार्श्वनाथ के चार जैन सिद्धांतों (सत्य, अस्तेय, अहिंसा, अपरिग्रह) में अपना पांचवां सिद्धांत 'ब्रह्मचर्य' जोड़ा। इनका जन्म कुंडल ग्राम में ज्ञातृक क्षत्रिय कुल में हुआ था।

13. महावीर का जन्म कहां हुआ था?

(A) सारनाथ

(B) लुम्बिनी

(C) कुंडलग्राम (वैशाली)

(D) नालंदा,

                                                R.R.B. इलाहाबाद (J.C.) परीक्षा, 2009

उत्तर-(C)

व्याख्या-महावीर का जन्म ई.मू. 599 के लगभग वैशाली के निकट कुंडलग्राम में हुआ।

14.  सांची किसकी कला व मूर्तिकला का निरूपण करता है ?

(A) जैन

(B) बौद्ध

(C) मुस्लिम

 (D) ईसाई

                                                R.R.B. चंडीगढ़ (T.C.) परीक्षा, 2002

                                                R.R.B. गोरखपुर, (A.S.M.) परीक्षा, 2002

                                                R.R.B. जम्मू (A.S.M.) परीक्षा, 2004

उत्तर-(B)

व्याख्या-सांची (मध्य प्रदेश) बौद्ध कला का केंद्र स्थल रहा है। यह एकमात्र ऐसा स्थान है, जहाँ बौदाकालीन शिल्प कला के समस्त नमूने विद्यमान है। सांची के स्तूप पर अनेक मतियां उत्कीर्ण मिलती हैं। मार्शल के अनुसार, सांची स्तूप का निर्माण अशोक के हुआ था

15. 'बुद्ध' के उपदेशों का मुख्य संबंध था-

(A) विचारों और चरित्र की शुद्धता

(B) भक्तिवाद

(C) कर्मकाण्डों के व्यवहार

(D) एक ही भगवान में विश्वास

                                                R.R.B. भोपाल (I.C.) परीक्षा, 2005

उत्तर-(A)

व्याख्या-बुद्ध के उपदेशों का मुख्य संबंध विचारों और चरित्र की शुद्धता से था। बुद्ध जटिल दार्शनिक समस्याओं में कभी नहीं उलझे तथा एक मैतिक दार्शनिक के रूप में उन्होंने मनुष्य के नैतिक तथा सामाजिक गुणों के विकास पर ही बल दिया।

16. 'आजीवक संप्रदाय (Ajivika's Sect) के संस्थापक कौन थे?

(A) उपाली

(B) आनंद

(C) मक्खली गोशाल

(D) राधुलोभद्र

                                                R.R.B. इलाहाबाद (J.C.) परीक्षा, 2009

उत्तर-(C)

व्याख्या-बुद्ध के जन्म के पूर्व एक प्रमुख धार्मिक संप्रदाय आजीवक संप्रदाय था जिसके संस्थापक मक्खली गोशाल थे। इनका मत नियतिवाद कहा जाता है।

17. कपिलवस्तु संबंधित है-

(A) महात्मा गांधी से

(B) महावीर स्वामी से

(C) भगवान कृष्ण से

(D) भगवान बुद्ध से

                                                R.R.B. अहमदाबाद (T.A.) परीक्षा, 2005

उत्तर-(D)

व्याख्या-कपिलवस्तु भगवान बुद्ध से संबंधित है। बुद्ध के पिता शुद्धोधन कपिलवस्तु के शाक्यगण के प्रधान थे।

18. महावीर एवं बुद्ध दोनों ने किसके शासनकाल में उपदेश दिया?

(A) अजातशत्रु

(B) बिम्बिसार

(C) नन्दीवर्धन

(D) उदय

                                                R.R.B. गोरखपुर (E.R.C./C.A./T.A./A.S.M.) परीक्षा, 2005

                                                R.R.B. इलाहाबाद (E.C.R.C./A.S.M.) परीक्षा, 2007

उत्तर-(B)

ध्याख्या-महावीर एवं बुद्ध ने मगध नरेश विम्बिसार के शासनकाल में उपदेश दिया। महावीर स्वामी और विम्बिसार निकट संबंधी भी थे, क्योकि महावीर की माता त्रिशला या विदेहदत्ता लिच्छवि शासक चेतक की बहन थी तथा विम्बिसार का विवाह पेटक की पुती से हुआ था। बिम्बिसार ने बुद्ध के निवास के लिए 'वेलुवन' नामक विहार बनवाया था।

19. निम्नलिखित में से बौद्ध धर्म एवं जैन धर्म पर्याय हैं?

(A) अहिंसा

(B) हिंसा

(C) त्रिरत्न

 (D) सत्य

                                                R.R.B. भुवनेश्वर (A.S.M.) परीक्षा, 2009

उत्तर-(A)

व्याख्या-बौद्ध तथा जैन धर्म अहिंसा के ही पर्याय हैं।

20. चतुर्थ बौद्ध सम्मेलन किसके शासनकाल में हुआ था?

(A) अशोक

(B) चंद्रगुप्त

(C) कनिष्क

(D) चंद्रगुप्त विक्रमादित्य

                                                R.R.B. कोलकाता (T.A.JA.S.M.) परीक्षा, 2001

उत्तर-(C)

व्याख्या-बौद्ध धर्म की चतुर्थ तथा अंतिम संगीति (सम्मेलन) कुषाण शासक कनिष्क के राज्यकाल में कश्मीर के कुंडलवन में हुई थी। इसकी अध्यक्षता वसुमित्र ने की तथा अश्वघोष इसके उपाध्यक्ष बने।

21. बौद्ध धर्म से संबद्ध अर्धगोलाकार अंत्येष्टि संबंधी टीले को क्या कहते हैं?

(A) स्तूप

(B) तोरण

(C) विहार

(D) दुखंग

                                                R.R.B. इलाहाबाद (A.S.M.) परीक्षा, 2001

                                                R.R.B. जम्मू (T.A.) परीक्षा, 2001

उत्तर-(A)

व्याख्या-महात्मा बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद उनकी अस्थियों को आठ भागों में बांटा गया तथा उन पर समाधियों का निर्माण किया गया, इन्हीं को 'स्तूप' कहा जाता है। ध्यातव्य है कि 'स्तूप' का उल्लेख सर्वप्रथम ऋग्वेद में प्राप्त होता है, जहां अग्नि की उठती हुई ज्वालाओं को स्तूप कहा गया है।

22. जैन धर्म के प्रथम तीर्थकर थे

(A) महावीर स्वामी

(B) पार्श्वनाथ

(C) ऋषभदेव

(D) शंकरादेव

                                                R.R.B. गोरखपुर (Asst. Driv.) परीक्षा 2006

उत्तर-(C)

व्याख्या- -जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव थे। पार्श्वनाथ जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर थे, जबकि महावीर स्वामी 24वें एवं अंतिम तीर्थंकर थे।

23. जैनवाद में पूर्ण ज्ञान को निम्न रूप में उल्लिखित किया गया-

(A) जिन

(C) कैवल्य

(B) रत्न

(D) निर्वाण

                                                R.R.B. चंडीगढ़ (T.A./C.A./E.C.R.C.) परीक्षा, 2006

उत्तर-(C)

व्याख्या-जनवाद में पूर्ण ज्ञान को 'कैवल्य' को संज्ञा दी गई है। महावीर के विषय में कहा गया है कि 12 वर्षों की कठोर तपस्या द साधना के पश्चात् जृम्भिक ग्राम के समीप ऋजुपालिका नदी के तट पर एक साल वृक्ष के नीचे कठोर तप के उपरांत उन्हें कैवल्य'प्राप्त हुआ।  कैवल्य प्राप्ति के पश्चात् वे केवलिन', 'जिन', 'अर्हत' तथा 'निर्ग्रन्थ' कहलाए।

24. गौतम बुद्ध द्वारा मिक्षुणी संघ की स्थापना कहां की गई थी?

(A) सारनाथ

(B) कपिलवस्तु

(C) वैशाली

(D) गया

                                                R.R.B. भुवनेश्वर (A.A/T.A.E.C.R.C.) परीक्षा, 2006

उत्तर-(C)

बौद्ध धर्म को ग्रहण करने वाली प्रथम महिला कौन हैं?

                                                R.R.B. गोरखपुर (Asst. Driv.) परीक्षा, 2004

व्याख्या- गौतम बुद्ध द्वारा वैशाली में आम्रवाटिका में निक्षुणी संघ की स्थापना की गई। इस संघ में प्रवेश पाने वाली प्रथन महिला बुद्ध की सौतेली माता प्रजापति गौतमी थी। अपने प्रिय शिष्य आनंद के आग्रह पर महात्मा बुद्ध ने इसकी अनुमति प्रदान की। कालांतर में वैशाली की प्रसिद्ध नगर-वधू आम्रपाली भी उनकी शिष्या बनीं।

25. बुद्धवाद और जैनवाद आंदोलन आवश्यक रूप से निम्नलिखित के विरुद्ध थे-

(A) सामाजिक और आर्थिक न्याय के

(B) ब्राह्मणों के रिवाजों तथा औपचारिकताओं के

(C) विदेशी हमलावरों तथा उनके अचानक हमलों के

(D) राजाओं तथा प्रभावशालियों के नियमों के

                                                R.R.B. जम्मू (C.C.) परीक्षा, 2006

उत्तर-(B)

व्याख्या-बुद्धवाद और जैनवाद अनीश्वरवादी धर्म थे। इन्होंने ब्राह्मणों के रीति-रिवाजों एवं कर्मकांडों का विरोध किया था। इनके अनुसार, ब्राह्मणों के कर्मकांड और यज्ञ एक जीर्ण नाव के समान है जो संसार सागर से मनुष्य को पार नहीं ले जा सकती।

 26. बौद्ध शिक्षा का वर्णन निम्नलिखित में से किसमें है?

(A) त्रिरत्न में

(B) त्रिपिटक में

(C) शीलव्रत में

 (D) अणुव्रत में

                                                R.R.B. रांची (A.S.M.) परीक्षा, 2007

उत्तर-(B)

व्याख्या-बौद्ध शिक्षा का वर्णन त्रिपिटक में मिलता है। त्रिपिटक बौद्ध शिक्षा का मूल ग्रंथ है। यह पाली भाषा में रचित है। इसको तीन भागों में बांटा गया है- 1.सुत्त पिटक  2.विनय पिटक  3.अभिधम्म पिटक । इनको बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद संकलित किया गया था।

27. बौद्ध स्मारक स्तूप' कहां बनाए जाते थे?

(a) बुद्ध के अवशेषों पर

(b) बुद्ध के जीवन से संबंधित स्थानों पर

(c) संघ के प्रमुख सदस्यों के अवशेषों पर

(d) बौद्ध मठों द्वारा अर्चना के स्थानों पर

सही उत्तर है-

(A) केवल (a)

(B) (a) और (c)

(C) केवल (a), (b) तथा (c)

(D) उपरोक्त सभी

                                                R.R.B. अजमेर (A.S.M.) परीक्षा, 2007

उत्तर-(D)

व्याख्या-बौद्ध स्तूप बौद्ध के अवशेषों पर, बुद्ध के जीवन से संबंधित स्थानों पर, संघ के प्रमुख सदरयों के अवशेषों पर तथा बौद्ध मठों द्वारा अर्चना के स्थानों पर बनाए जाते थे।

 

बौद्ध एवं जैन धर्म

ग्रुप-डी (2003 से 2014) के प्रश्न तथ्य रूप में

 

·      

जैन धर्म के दर्शनशास्त्र ने स्यादवाद का सिद्धांत प्रस्तुत किया।

जैन धर्म ने कर्म और पुनर्जन्म में विश्वास व अहिंसा का उपदेश दिया। उनका भगवान में विश्वास नहीं था।

कपिलवस्तु, पावापुरी, प्रयाग व श्रावस्ती में से पावापुरी जैन धर्म से संबद्ध है।

बुद्ध के मरणोपरान्त हुए प्रथम बौद्ध सम्मेलन (483 ई. पू.) की अध्यक्षता महाकस्सप ने की थी।

वह व्यक्ति जो ईश्वर की विद्यमानता में विश्वास नहीं रखता, नास्तिक कहलाता है।

जातक कथाएं, आचारांगसूत्र, दीर्घ निकाय व सुमंगलाविलासिनी में से आचारांग सूत्र जैन ग्रंथ है बाकी सभी बौद्ध धर्म से संबद्ध हैं।

निर्वाण प्राप्ति के लिए बुद्ध ने अष्टांगिक मार्ग का रास्ता बताया।

अंगुत्तर निकाय और महावस्तु बौद्ध साहित्य के उदाहरण हैं।

विश्व का सबसे बड़ा बौद्ध मंदिर इंडोनेशिया के जावा में स्थित बोरोबुदूर मंदिर है।

कला, साहित्य, वास्तुकला, संगीत व धार्मिक क्रिया-कलापों में बौद्ध धर्म का सर्वाधिक योगदान धार्मिक क्रिया-कलापों में है।

लिंगायत आंदोलन को प्रारंभ करने का श्रेय बसवा अथवा बसव को है।

बुद्ध द्वारा निर्धारित अष्टांगिक मार्ग में सही विश्वास शामिल नहीं है।

बौद्ध धर्म 'हीनयान' तथा 'महायान' नामक दो स्पष्ट एवं स्वतंत्र सम्प्रदायों में चतुर्थ बौद्ध संगीति के समय विभक्त हो गया।

बौद्ध मंत का सबसे प्राचीन स्तूप सारनाथ है।

बौद्ध धर्म की महायान शाखा ने मूर्ति पूजा पर जोर दिया।

जैन तीर्थंकर महावीर ने पावापुरी में शरीर का त्याग किया था।

युद्ध, धम्म, संघ तथा अहिंसा में से अहिंसा बौद्ध धर्म के त्रिरत्नों में शामिल नहीं है।

सम्यक ज्ञान, सम्यक कर्ग मुक्ति तथा ईश्वर में आस्था में से ईश्वर में आस्था जैन धर्म के त्रिरत्नों में शामिल नहीं है।

बौद्ध धर्म सम्यक आचरण से संबंधित है।

अजन्ता गुफाओं का निर्माण गुप्तों के काल में किया गया था।

बुद्ध ने अपना उपदेश सामान्यतः पाली भाषा में दिया।

अष्टांगिक मार्ग का प्रतिपादन बुद्ध के द्वारा किया गया था।

जैनो का श्वेताम्बर वर्ग सिर्फ सफेद कपड़ा पहनता है।

जैन धर्म ज्ञान प्राप्ति पर बल देता है।

गौतम बुद्ध के पुत्र का नाम राहुत था।

बुद्ध के उपदेश मुख्यतया विचारों और आचरण की शुद्धता से संबंधित थे।

वह सिझोत जो जैन धर्म को बौद्ध धर्म से अलग करता है, 'सभी सजीवों एवं पदार्थों में आत्मा का वास है।

गौतम बुद्ध की माता महामाया थी।

द्वितीय बौद्ध परिषद (2'Buddhist Council) वैशाली में हुई थी।

नागार्जुन अभिलेख से बौद्ध धर्म के बारे में जानकारियां मिलती हैं।

जैन धर्म में 'परम ज्ञान से तात्पर्य कैवल्य है।

पारसनाथ जैनों का एक सुप्रसिद्ध तीर्थस्थान है।

पार्श्वनाथ से जुड़े होने के कारण, सम्मेद शिखर क्षेत्र, जैन- सिद्ध क्षेत्र माना गया।

भारत में जैन धर्म चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल में फैला था।

जैन धर्म और बौद्ध धर्म दोनों ने ही मोक्ष के लिए कठोर तप एवं सादगी को अनिवार्य बताया, यह तथ्य दोनों धर्मो पर लागू नहीं

होता है।

तीन प्रमुख बौद्ध स्थल रत्नगिरि, ललितगिरि एवं उदयगिरि उड़ीसा में स्थित हैं।

'बुद्ध' शब्द का अभिप्राय 'ज्ञान से प्रकाशित एक व्यक्ति' है।

भारत में महावीर की सर्वाधिक ऊंची मूर्ति श्रवणबेलगोला स्थित है।

बुद्ध को मूर्ति पूजन और बलि मान्य नहीं था।

लुंबिनी बौद्धों का एक पवित्र स्थान है।

प्रथम जैन सभा पाटलिपुत्र में हुई थी।

मोक्ष के लिए कठोर तपस्या एवं प्रायश्चित को मान्यता देना जैन और बौद्ध धर्म दोनों पर लागू नहीं होता है।

बुद्ध को दि लाइट ऑफ एशिया में विवेक और दया का सागर' कहा गया है।

महात्मा बुद्ध के प्रवचन अधिकतर सोच और व्यवहार की शुद्धता से संबंधित थे।

बुद्ध के सारथी का नाम चन्ना था।

पुराण, जातक, वेद, उपंग में से जातक बौद्ध साहित्य का उदाहरण है।

बिहार के नालन्दा जिले में पावापुरी जैनियों के लिए एक धार्मिक  स्थल है।

बुद्ध और महावीर के बारे में सही है कि वे वर्ण की धारणा के बारे में दोनों के आचरण समान थे, वे दोनों एक ही शताब्दी में

जन्में थे तथा वे दोनों जन्म से क्षत्रिय थे परन्तु यह सही नहीं है कि दोनों ने ही सरल, नैतिक एवं सादगी भरे जीवन की

शिक्षा दी, क्योकि जैनी कठोर तप में विश्वास करते थे।

सारनाथ उत्तर प्रदेश में हैं ।

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