वैदिक सभ्यता
(Vedic Civilization) || VEDIC SABHYATA

वैदिक सभ्यता (VEDIC CIVILIZATION)
1.
भारतीय पटल पर आर्य लगभग....के बीच उभरे।
(A) 3000-2500 ईसा पूर्व
(B) 2500-2000 ईसा पूर्व
(C) 300-250 ईसा पूर्व
(D) 322-185 ईसा पूर्व
R.R.B.
चंडीगढ़ )T.C.) परीक्षा, 2002
R.R.B.
जम्मू (A.S.M.) परीक्षा, 2004
उत्तर-(*)
व्याख्या-भारत में आर्यों का आगमन 1500 ईसा पू में हुआ। ये भारत में आकर सप्त सैन्धव प्रदेश
में बस गए। उत्तर वैदिक काल में इनका विस्तार गंगा नदी के क्षेत्र तक हो गया था।
प्रश्न में कोई विकल्प सही नहीं है। अब आर्यों के बाहर से भारत आने की अवधारणा
सर्वमान्य नहीं रही।
2. आर्य कब भारत आए थे?
(A) 2500-1800 ई.पू.
(B) 2000-1500 ई.पू.
(C) 2000 ई.पू.
(D) 1500-1000 ई.पू.
R.R.B. भोपाल )S.C./E.C.R.C.) परीक्षा, 2006
उत्तर – (D)
व्याख्या-उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।
3 आर्य लोग भारत में कहां से आए थे?
(A) पूर्वी यूरोप
(B) ऑस्ट्रेलिया
(C) मध्य एशिया
(D) दक्षिण-पूर्व एशिया
R.R.B. सिकंदराबाद )G.G.) परीक्षा, 2001
R.R.B.
कोलकाता (G.G/E.C.R.C.) मुख्य परीक्षा, 2012
उत्तर-(C)
व्याख्या-भारत में आर्यों का आगमन एक विवादास्पद
प्रश्न है। सर्वाधिक मान्य मैक्समूलर के मतानुसार आर्य मध्य एशिया (कैस्पियनसागर के आस-पास) से
भारत आए थे।
4. आर्य भारत में किस रूप में आए थे?
(A) सौदागर तथा खानाबदोश
(B) शरणार्थी
(C) आक्रमणकारी
(D) अप्रवासी
R.R.B. गोरखपुर (T.C.) परीक्षा, 2008
उत्तर - )C)
व्याख्या-विभिन्न कारणों से, मुख्यतया जनसंख्या में वृद्धि और चारागाहों की खोज के कारण
आर्यों की शाखाओं ने मध्य एशिया से पूरब और पश्चिम की ओर बढ़ना आरंभ किया। उन्होंने
पूरब की ओर बढ़ने वाली शाखा ने अफगानिस्तान होते हुए भारत में प्रवेश किया तथा
यहां के स्थानीय निवासियों को युद्ध में परास्त करते हुए भारत को अपना निवास स्थान
बनाया।
5. निम्नलिखित में से कौन सा वेद सबसे प्राचीन है?
(A) सामवेद
(B) यजुर्वेद
(C) अथर्ववेद
(D) ऋग्वेद
(E) उपनिषद्
R.R.B. कोलकाता (Asst. Driv.) परीक्षा, 2002
R.R.B.
चेन्नई (T.A/CA/E.C.R.C.) परीक्षा, 2006
R.R.B.
चंडीगढ़ (Stenographer) परीक्षा, 2008
R.R.B.
इलाहाबाद (J.C/T.C.), परीक्षा, 2009
उत्तर-(D)
व्याख्या-ऋग्वेद को विश्व का सबसे प्राचीन ग्रंथ माना जाता है। इसकी रचना 1500 ई. पू. से 1000 ई. पू. के बीच हुई थी। बाद में, उत्तर वैदिक काल में, सामवेद, यजुर्वेद तथा
अथर्ववेद की रचना हुई।
ॐ ऋग्वैदिक आर्य किस भाषा का प्रयोग करते थे?
(A) संस्कृत
(B) द्रविड़
(C) पाली
(D) प्राकृत
R.R.B. बंगलौर (G.G.) परीक्षा, 2006
R.R.B.
चेन्नई (A.S.M./T.A./C.A./G.G.) परीक्षा, 2007
उत्तर-(A)
व्याख्या-ऋग्वैदिक आर्यों की प्रमुख भाषा संस्कृत थी। ऋग्वैदिक कालीन ग्रंथ मुख्य रूप से संस्कृत भाषा में लिखे जाते थे।
7. ऋग्वेद
में सबसे पवित्र नदी का जिक्र था-
(A) सरस्वती
(B) गंगा
(C) यमुना
(D) सिन्धु
R.R.B. रांची (Asst. Driv.) परीक्षा, 2003
उत्तर-(A)
व्याख्या-ऋग्वेद में वर्णित सबसे पवित्र नदी सरस्वती थी। इसे नदियों में श्रेष्ठ (नदीतमा) एवं नदियों की माता (सिन्धुमाता) कहा गया है। यद्यपि आर्यों की सबसे प्रमुख नदी सिन्धु थी, जिसका ऋग्वेद में सर्वाधिक
बार वर्णन किया गया है। शास्त्रीय संगीत के सिद्धांत की विवचेना की गई है-
8. शास्त्रीय संगीत के सिद्धांत की विवचेना की गई है-
(A) ऋग्वेद में
(B) अथर्ववेद में
(C) यजुर्वेद में
(D) सामवेद में
R.R.B. गोरखपुर (T.C.) परीक्षा, 2008
उत्तर-(D)
व्याख्या-भारतीय शास्त्रीय संगीत के सिद्धांत की विवेचना सामवेद में की गई है। इसमें अधिकांश मंत्र ऋग्वेद से ही लिए गए हैं और उनका उच्चारण विशेष प्रकार के यज्ञ के अवसर पर गाते हुए किया जाता था। इन मंत्रों का उच्चारण करने वाला 'उद्गाता' कहा जाता था।
9. सूची
I एवं सूची II को सुमेलित करें-
सूची । सूची ॥
(a) ब्राह्मण I. शिक्षण संबंधी
समस्याओं का वर्णन
(b) उपनिषद् II. अवेस्ता के साथ भाषा में समानता
(c) अथर्ववेद III. वैदिक कार्यों के संपादन की विधि का वर्णन
(d) ऋग्वेद IV. जनसाधारण के रीति-रिवाजों का व्याख्यान
सही उत्तर क्रमांक है:
(a) (b) (c) (d)
(A)
I III IV II
(B) III I IV
II
(C)
IV I II III
(D)
III II I IV
R.R.B. मुंबई, भोपाल (A.S.M.)
परीक्षा, 2003
उत्तर-(B)
- जादू-टोना का
अध्ययन किस वेद में किया जाता है?
R.R.B. इलाहाबाद (J.C.) परीक्षा, 2009
व्याख्या-ब्राह्मण ग्रंथों में वैदिक यज्ञों के कार्यों के संदर्भ में विधिका
वर्णन मिलता है। उपनिषदों में शिक्षण संबंधी समस्याओं कावर्णन किया गया है।
अथर्ववेद में जन साधारण के रीति-रिवाजों, जैसे जादू-टोना, चिकित्सा इत्यादि
संबंधी जानकारी प्राप्त होती है। ऋग्वेद की तुलना अवेस्ता से की जाती है।
10. वैदिक युग के लोगों द्वारा सर्वप्रथम किस धातु का प्रयोग किया गया था?
(A) चांदी
(B) सोना
(C) लोहा
(D) तांबा
R.R.B.
गोरखपुर (T.C.) परीक्षा, 2008
उत्तर-(D)
व्याख्या-वैदिक काल के प्रारंभिक भाग में सर्वप्रथम प्रयुक्त धातु तांबा थी। उत्तर वैदिक काल में तांबे के अतिरिक्त चांदी, सोना एवं लोहा आदि धातुओं का
भी प्रयोग होने लगा।
11- ब्राह्मणवाद, जिसे कि आज एक
श्रेष्ठ वर्ग के रूप में समझा जाता है, की जड़ें थीं-
(A) ऋग्वेद काल में
(B) गुप्त काल में
(C) उत्तर-वैदिक काल में
(D) ईसा युग की आरंभिक शताब्दियों में
R.R.B. गोरखपुर (T.C.) परीक्षा, 2008
उत्तर-(D)
व्याख्या-उत्तर वैदिक काल में वर्ण व्यवस्था के कठोर न होने के कारण इस समय इसकी जड़ें नहीं पनप पाई थीं। वर्तमान ब्राह्मणवाद का रूप स्मृति काल (200 ई.पू. से 200 ई.) अर्थात् ईसा युग की आरंभिक शताब्दियों में ही स्पष्ट होता है।
12. प्राचीन
हिन्दू विधि का लेखक किसको कहा जाता है?
(A) वाल्मीकि
(B) वशिष्ठ
(C) मनु
(D) पाणिनी
R.R.B. गोरखपुर (E.S.M.) परीक्षा, 2003
R.R.B.
जम्मू (A.S.M.) परीक्षा, 2004
R.R.B.
गोरखपुर (A.S.M.) परीक्षा, 2000
उत्तर-(C)
व्याख्या-'प्राचीन हिन्दू विधि
का लेखक मनु को कहा जाता है, जिनकी कृति 'मनुस्मृति' हिन्दू विधि का प्राचीनतम् स्रोत मानी जाती है।
13. हिन्दू विधि पर एक पुस्तक 'मिताक्षरा' किसने लिखी?
(A) नयचन्द्र
(B) अमोघवर्ष
(C) विज्ञानेश्वर
(D) कम्बन
R.R.B. गोरखपुर (E.R.C./C.A./T.AJA.S.M.) परीक्षा, 2005
R.R.B.
इलाहाबाद (A.S.M.) परीक्षा, 2007
उत्तर-(C)
व्याख्या- -हिन्दू विधि पर पुस्तक 'मिताक्षरा' की रचना विज्ञानेश्वर ने की थी। यह याज्ञवल्क्य स्मृति पर टीका-ग्रंथ है। याज्ञवल्क्य स्मृति पर टीका विश्वरूप व अपरार्क ने भी लिखा था।
14. वैदिक युग में-
(A) बहुविवाह प्रथा अज्ञात थी
(B) बाल विवाह प्रमुख था
(C) विधवा पुनर्विवाह कर सकती थी
(D) अनुलोम विवाह स्वीकृत था
R.R.B. गोरखपुर (A.S.M.) परीक्षा, 2009
उत्तर-(D)
व्याख्या-अनुलोम विवाह में उच्च वर्ण का पुरुष कनिष्ठ वर्ण की स्त्री से विवाह करता था। वैदिक युग के आरंभ में वर्ण व्यवस्था ज्यादा कठोर नहीं थी। इसी कारण समाज में अनुलोम विवाह स्वीकृत था।
15. वह सही तिथि क्रम क्या है जिसमें निम्नलिखित ने भारत पर आक्रमण किया?
(1) हूण
(2) कुषाण
(3) आर्य
(4) यूनानी
कूट:
(A) 4, 3, 2, 1
(B) 3, 4, 2, 1
(C)
4, 2, 3, 1
(D) 3, 4, 1, 2
R.R.B. गोरखपुर (E.R.C./C.A./T.A./A.S.M.) परीक्षा, 2005
R.R.B. इलाहाबाद (E.C.R.C.) परीक्षा, 2005
उत्तर-(B)
व्याख्या-आर्यों का भारत पर आक्रमण 1500 ई.पू. से 1000 ई.पू. के बीच, यूनानियों का 326 ई.पू.-325 ई.पू., कुषाणों का प्रथम सदी ई. तथा हूणों का लगभग 460 ई. (स्कंदगुप्त के
शासनकाल) में हुआ। अत: उक्त आक्रांताओं का सही तिथि-क्रम क्रमशः आर्य यूनानी, कुषाण तथा हूण है।
16. स्कंद पुराण में गढ़वाल को किस नाम से जाना जाता है?
(A) केदारखंड
(B) कुर्माचल
(C) जालंधर
(D) गढ़देश
R.R.B. गोरखपुर (E.C.R.C./C.A./T.A./A.S.M.) परीक्षा, 2005
उत्तर-(A)
व्याख्या-स्कंद पुराण में गढ़वाल को केदारखंड और कुमाऊँ को मानसखंड कहा गया है। समस्त प्राचीन साहित्य में गढ़वाल-कुमाऊं को सम्मिलित रूप
से 'उत्तराखंड' कहा गया है।
17 . शब्द 'निष्क' का अर्थ वैदिक काल
में आभूषण था, जिसका अर्थ बाद में प्रयोग हुआ निम्न रूप है-
(A) शास्त्र
(B) कृषि के उपकरण
(C) लिपि
(D) सिक्का
R.R.B. चंडीगढ़ (T.A./C.A./E.C.R.C.) परीक्षा, 2006
उत्तर-(D)
व्याख्या-'निष्क' शब्द का प्रयोग प्रारंभिक रूप से वैदिक काल में हार जैसे किसी स्वर्णाभूषण के लिए होता था। बाद में इसका प्रयोग 'सिक्का' के संदर्भ में किया
जाने लगा।
18. शक पंचांग का प्रथम मास होता है-
(A) चैत्र
(B) वैशाख
(C) माघ
(D) कार्तिक
R.R.B. बंगलौर (Asst. Driv.) परीक्षा, 2004
उत्तर-(A)
- शक संवत् पर
आधारित राष्ट्रीय पंचांग का अंतिम महीना कौन- सा है?
R.R.B.
भोपाल परीक्षा, 2001
व्याख्या-शक पंचांग का प्रथम मास चैत्र होता है। इसके बाद क्रमशः वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण (सावन), भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ व फाल्गुन महीने आते हैं।
19. ऋग्वेद में
वर्णित देवताओं में सबसे प्रमुख देवता कौन थे?
(A) इन्द्र
(B) विष्णु
(C) सूर्य
(D) ब्रह्मा
R.R.B. कोलकाता (A.S.M.) परीक्षा, 2005
उत्तर-(A)
- किस देवता के
लिए ऋग्वेद में 'पुरंदर' शब्द का प्रयोग
हुआ है?
R.R.B. जम्मू (A.S.M.) परीक्षा, 2004
व्याख्या-ऋग्वेद का प्रमुख देवता इन्द्र को माना गया है। इन्द्र को 'विश्व का स्वामी कहा गया है। उन्हें 'पुरंदर' की संज्ञा दी गई है। ऋग्वेद के करीब 250 सूक्तों में इन्द्र
का वर्णन है।
20. वैदिक देवता इन्द्र ईश्वर थे-
(A) पवन के
(B) शाश्वतता के
(C) वर्षा एवं वज्र के
(D) अग्नि के
R.R.B. इलाहाबाद (J.A.A.) परीक्षा, 2010
उत्तर-(C)
व्याख्या-वैदिक देवता इन्द्र को 'वर्षा का देवता' कहा गया है जिनका प्रिय अस्त्र वज्र था।
21. ऋग्वेद का प्रमुख देवत्व (divinity) कौन है?
(A) मारुत
(B) अग्नि
(C) शक्ति
(D) वरुण
R.R.B. इलाहाबाद (J.A.A.) परीक्षा, 2010
उत्तर- -(B)
व्याख्या-ऋग्वेद का प्रमुख देवता अग्नि है जिसके लिए ऋग्वेद में 200 श्लोक हैं। हालांकि सर्वाधिक प्रमुख देवता इन्द्र है जिसके बारे में कुल 250 श्लोक है किंतु
उपरोक्त विकल्पों में इन्द्र न होने के कारण सही उत्तर अग्नि होगा।
22. भारत
के प्रतीक चिह्न की आधार पट्टी पर अंकित शब्द 'सत्यमेव जयते' किससे लिए गए हैं?
(A) ऋग्वेद
(B) शतपथ ब्राह्मण
(C) रामायण
(D) मुण्डकोपनिषद्
R.R.B. चंडीगढ़ (Stenographer) परीक्षा, 2008
उत्तर- (D)
व्याख्या-प्राचीन भारतीय उपनिषदों में आध्यात्मिक चर्चाएं की गई हैं। मुण्डकोपनिषद् में सत्य के महत्त्व को बताने के लिए 'सत्यमेव जयते' शब्दों का प्रयोग किया गया है।
23. पुराणों की कुल संख्या कितनी है?
(A) 20
(B) 16
(C) 14
(D) 18
R.R.B. चंडीगढ़ परीक्षा, 2001
R.R.B. इलाहाबाद (J.C.) परीक्षा, 2009
R.R.B. गोरखपुर (A.S.M.) परीक्षा, 2009
उत्तर-(D)
व्याख्या-पुराणों के रचयिता लोमहर्ष या उनके पुत्र उग्रश्रवा माने जाते हैं, इनकी संख्या 18 है। ये हैं- 1. मत्स्य, 2. मारकंडेय, 3. भविष्य, 4. भागवत, 5. ब्रह्मांड, 6. ब्रह्मवैवर्त, 7. ब्रह्मा, 8. वामन, 9. वाराह, 10. विष्णु, 11. वायु, 12. अग्नि, 13. नारद, 14. पद्म, 15. लिंङ्ग, 16. गरुड़, 17. कूर्म तथा 18. स्कंदपुराण।
24. गायत्री मंत्र का सर्वप्रथम उल्लेख कहां मिलता है?
(A) ऋग्वेद में
(B) अथर्ववेद में
(C) उपनिषद् में
(D) पुराणों में
R.R.B. चंडीगढ़ परीक्षा, 2004
उत्तर-(A)
व्याख्या-गायत्री मंत्र का सर्वप्रथम उल्लेख ऋग्वेद के तृतीय मंडल में मिलता है, जिसकी रचना
विश्वामित्र ने की है।
25. वैदिक
धर्म का मुख्य लक्षण इनमें से किसकी उपासना थी?
(A) प्रकृति
(B) पशुपति
(C) देवी माता
(D) त्रिमूर्ति
R.R.B, महेन्दूघाट,पटना (A.S.M.)
परीक्षा, 2004
उत्तर-(A)
व्याख्या-वैदिक धर्म का मुख्य लक्षण प्रकृति की उपासना थी। आर्यों ने प्रकृति की रहस्यमय शक्तियों से प्रभावित होकर उन्हें दिव्य स्वरूप प्रदान किया तथा इन शक्तियों की देवताओं के रूप में स्तुति की। कहीं-कहीं देवता का नाम वही है, जो उस प्राकृतिक क्रिया का है, जिसका कि वह देवता
प्रतिनिधित्व करता है।
26. ऋग्वैदिक काल से पूर्व आर्यों का मुख्य व्यवसाय क्या था?
(A) शिल्पकारी
(B) पशुपालन
(C) खेती
(D) व्यापार
R.R.B. गुवाहाटी (GG.) परीक्षा, 2006
उत्तर-(B)
व्याख्या-ऋग्वैदिक काल से पूर्व आर्यों का मुख्य व्यवसाय पशुपालन था। ऋग्वेद में पशुधन एवं गाय पर विशेष चर्चा की गई है। कृषि का उल्लेख केवल 24 बार हुआ है। बाद में
उत्तर वैदिक काल में कृषि आर्यों का मुख्य व्यवसाय हो गयो
27. वैदिक साहित्य में प्रयुक्त ब्रीहि
शब्द का अर्थ है-
(A) जौ
(B) तिल
(C) गेहूं
(D) चावल
R.R.B. इलाहाबाद (J.C.) परीक्षा, 2009
उत्तर-(D)
व्याख्या-वैदिक साहित्य में ब्रीहि एवं तंदुल का तात्पर्य 'चावल' से है। गेहूं के लिए 'गोधूम' शब्द का प्रयोग किया जाता था।
28. पाणिनी किस विषय के प्रसिद्ध विद्वान थे?
(A) भाषा और व्याकरण
(B) आयुर्वेद
(C) खगोल-विज्ञान
(D) जीव विज्ञान
R.R.B. गुवाहाटी (G.G.) परीक्षा, 2006
उत्तर-(A)
व्याख्या-पाणिनी सातवीं शताब्दी ई.पू. में संस्कृत व्याकरण के विद्वान थे। उन्होंने संस्कृत व्याकरण की पुस्तक 'अष्टाध्यायी" की रचना की थी।
वैदिक सभ्यता
ग्रुप-डी
(2003
से 2014) के
प्रश्न तथ्य रूप में
· ऋग्वेद के समय काबुल को कुभा कहा जाता था।
· ऋग्वेद में 1028 सूक्त या श्लोक हैं।
· प्रारंभिक वैदिक आर्यों का धर्म मुख्यतः प्रकृति पूजा और यज्ञज्ञान था।
· ऋग्वेद का काल लौह युग से संबद्ध है।
· वितस्ता का आधुनिक नाम झेलम है।
· गोपथ ब्राह्मण अथर्ववेद से संलग्न है।
· प्राचीन काल (वैदिक काल) में परिवार के सबसे बड़े सदस्य को
· गृहपति कहा जाता था।वितस्ता का आधुनिक नाम झेलम है।
· गोपथ ब्राह्मण अथर्ववेद से संलग्न है।
· प्राचीन काल (वैदिक काल) में परिवार के सबसे बड़े सदस्य को गृहपति कहा जाता था।
· प्राचीन भारत में ग्राम भोजक गांव के मुखिया को कहा जाता था।
· उपनिषदों की रचना उत्तर-वैदिक काल में की गई थी।
· वेद, ब्राह्मण ग्रंथ, आरण्यक व उपनिषद वैदिक साहित्य हैं
· जबकि जातक कथाएं बौद्ध साहित्य से संबद्ध है।
· प्राचीन भारत में आश्रम व्यवस्था विभिन्न जिम्मेदारियों के साथ चार चरणों में मानव जीवन काल का विभाजन था।
· ऋग्वेद में निहित गायत्री मंत्र सविता को समर्पित है।
· न्याय, वेदांत, योग व सांख्य में से सांख्य प्राचीनतम है।
· ऋग्वेद काल में बहुपतित्व विवाह प्रचलन में नहीं था।
· ऐतरेय, विजासेना, कृष्णा कर्णामृत में से ऐतरेय एक उपनिषद है।
· 'संसार ईश्वर है और ईश्वर मेरी आत्मा है' उपनिषदों में कहा गया है।
· प्राचीन भारत में अश्वमेघ यज्ञ राजा की श्रेष्ठता स्थापित करने के लिए किया जाता था।
· आश्रम व्यवस्था में ब्रह्मचर्य को प्रथम चरण माना जाता है।
· प्राचीन भारत में वर्ण व्यवस्था के अंतर्गत वैश्य की भूमिका व्यापार और कृषि कार्य संपन्न करना था।
· ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य व शूद्र चार भारतीय वर्ण है जबकि वैश्विक वर्ण नहीं है।
· किंवदंति राजा भरत जिनके नाम पर हमारे देश का नाम पड़ा, के पिता का नाम दुष्यंत था।
· भारतीय दर्शन 'मीमांसा' के संस्थापक जैमिनी को माना जाता है।
· 'महाभारत' का मूल नाम 'जय संहिता' है।
· हिन्दू धर्म का पारंपरिक प्राचीन नाम सनातन धर्म माना जाता है।
· भारत ने अपना नाम सिंधु नदी से प्राप्त किया।
· पौराणिक हिन्दू ग्रंथ में भरत की पत्नी का नाम मांडवी है।
· महर्षि परशुराम का जन्म अक्षय तृतीया को हुआ था।
· आर्यों की विशद जानकारी ऋग्वेद में मिलती है।
· वैदिक काल में सामाजिक विभाजन का आधार व्यवसाय था।
· आर्यों का निवास स्थान कैस्पियन था।
· प्राचीन हिन्दू विधि का लेखक मनु को कहा जाता है। .
· ऋग्वेद में पेरियार नदी का उल्लेख नहीं है।
· महाकाव्य 'महाभारत' वेद व्यास द्वारा रचा गया।
· सुश्रुत आयुर्वेद पर ग्रंथकार थे।
· मान्यता अनुसार महाभारत की लड़ाई कुरुक्षेत्र में 18 दिन तक लड़ी गई थी।
· उपनिषदों को वेदांत कहा जाता है।
· उपनिषद् ‘दार्शनिक ग्रंथ' माना जाता है।
· विश्व का सबसे बड़ा महाकाव्य महाभारत है।
· ऋग्वेदीय नाम 'परुशनी' रावी नदी (आधुनिक नाम) के तद्रूप है।
· आयुर्वेद की उत्पत्ति अथर्ववेद से संबंधित है।
· ऋग्वेद के सबसे महत्त्वपूर्ण देवता अग्नि (इन्द्र के बाद) हैं।
· भारतीय इतिहास पर वैदिक संस्कृति का मुख्य प्रभाव अन्य सांसारिक दृष्टिकोणों का विकास था।
· आर्य सबसे पहले पंजाब में बसे थे।
· सामवेद भारतीय शास्त्रीय संगीत का उद्गम माना जाता है।
· वैदिक काल में राजाओं द्वारा जनता से वसूले गए कर को बाली (बलि) कहा जाता था।
· पूर्वा वैदिक परंपरा के साहित्य का उदाहरण नहीं है।
· आयुर्वेद एक वेद नहीं है।
· ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास आश्रम हैं।
· अथर्ववेद में मंत्र-तंत्र एवं जादुई सम्मोहन से जुड़े स्रोत सन्निहित हैं।
· हिन्दू पुराणों के अनुसार, ब्रह्मा ने अग्नि, वायु और रवि से प्रथम तीन वेदों का सृजन किया
*******************
0 Comments